काशी की पवित्र भूमि पर एक दिन ऐसा आया, जब मुगल साम्राज्य की शक्तिशाली सेना को नागा साधुओं ने युद्ध में हरा दिया। सन् 1664 ईस्वी (विक्रम संवत 1721) में हुए भयंकर युद्ध में दशनामी नागा साधुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए मुगल सेना को निर्णायक पराजय दी। यह घटना हिंदू इतिहास की उन वीर गाथाओं में से एक है जो त्याग और तलवार, दोनों की शक्ति को साथ लेकर चलती है।
और पढ़ें
