Category: Defense

Military affairs, national security, armed forces

  • लंदन से पांडिचेरी तक : वीवीएस अय्यर ने प्रशिक्षण देकर, कैसे तैयार की क्रांतिकारियों की फौज?

    लंदन से पांडिचेरी तक : वीवीएस अय्यर ने प्रशिक्षण देकर, कैसे तैयार की क्रांतिकारियों की फौज?

    1 जुलाई 1909 को लंदन में क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा ने क्रूर ब्रिटिश अधिकारी कर्जन वायली की गोली मारकर हत्या कर दी, लंदन में चलीं इन गोलियों की गूंज से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिल गई। जिसके कुछ ही महीनों के अंदर, लंदन स्थित ‘India House’ अंतरराष्ट्रीय निगरानी और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। 

    लेकिन यह सब कुछ अचानक नहीं हुआ। 1907 से धीरे-धीरे एक ऐसा नेटवर्क आकार ले रहा था, जिसमें एक नाम लगातार उभर रहा था। वह नाम था ‘वराहनेरी वेंकटेश सुब्रमण्यम अय्यर (VVS Aiyar)’ का। जो लंदन में कानून की पढ़ाई करने और पाश्चात्य संगीत-नृत्य शैली सीखने पहुंचे थे।

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  • बालाकोट : 19वीं सदी के सैयद अहमद के ‘जिहाद’ से 21वीं सदी के ‘फिदायीन फैक्ट्री’ तक एक शहर की खतरनाक यात्रा

    बालाकोट : 19वीं सदी के सैयद अहमद के ‘जिहाद’ से 21वीं सदी के ‘फिदायीन फैक्ट्री’ तक एक शहर की खतरनाक यात्रा

    एक शहर, दो सदियां, एक पैटर्न, बालाकोट की कहानी कुछ ऐसी है, जहां 19वीं सदी के ‘जिहाद’ के नारे और 21वीं सदी की ‘फिदायीन फैक्ट्री’ एक ही पहाड़ियों और घाटियों के बीच पनपते दिखते हैं। कभी यह जगह सैयद अहमद बरेलवी के अनुयायियों के लिए मजहबी युद्ध का मंच थी, तो बाद में यही इलाका जैश-ए-मोहम्मद (जैश) जैसे मजहबी आतंकियों के लिए तहरीक और ट्रेनिंग की जमीन बना।​ 

    पाकिस्तान में बालाकोट, खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के मानसेहरा जिले में कुन्हार नदी (काघन घाटी) के किनारे स्थित एक शहर है

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  • श्री गुरुजी गोलवलकर ने भारत पर चीन के हमले के बारे 11 साल पहले ही चेतावनी दे दी थी!

    श्री गुरुजी गोलवलकर ने भारत पर चीन के हमले के बारे 11 साल पहले ही चेतावनी दे दी थी!

    चीनी सैनिकों के भारत की उत्तरी सीमा पार करने से एक दशक से भी पहले, एक चेतावनी जारी की गई थी- साफ तौर पर, सार्वजनिक रूप से और बार-बार। यह चेतावनी सरकार के गलियारों या इंटेलिजेंस एजेंसियों से नहीं आई थी, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति से आई थी, जो तात्कालिक कूटनीति से परे घटनाओं को देख रहा था। यह लेख बताता है कि वह चेतावनी कैसे सामने आई, उसे क्यों नजरअंदाज किया गया, और जब वह सच साबित हुई, तो उसके बाद क्या हुआ।

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  • रेगिस्तान की तोप, जो बर्फीले पहाड़ों पर भी गरजी! जानिए K9 वज्र-टी की अनोखी कहानी

    रेगिस्तान की तोप, जो बर्फीले पहाड़ों पर भी गरजी! जानिए K9 वज्र-टी की अनोखी कहानी

    क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक तोप, जो मूल रूप से गर्म रेतीले रेगिस्तानों में दुश्मन को धूल चटाने के लिए बनाई गई थी, आज भारत की सबसे ऊंची और ठंडी बर्फीली चोटियों पर भी उतनी ही जोरदार गर्जना कर रही है? यह K9 वज्र-टी की सच्ची और अनोखी कहानी है। यह भारतीय सेना की तोपखाने की ताकत को पूरी तरह बदल देने वाली प्रणाली है, जो पाकिस्तान से लेकर चीन तक की सीमाओं पर मजबूत ढाल बनी हुई है।

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