दुनिया भर में प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर, एक समय पूरी तरह खंडहर में बदल गया था और लगभग 500 वर्ष तक अपनी भव्यता खोए रहा। आज जिस जगह लाखों श्रद्धालु महाकाल के दर्शन करते हैं, वहां कभी विध्वंस का मंजर था।
आइए जानते हैं कि कैसे 13वीं शताब्दी में एक सुल्तान के आक्रमण ने मंदिर को नष्ट कर दिया और 500 वर्ष बाद कैसे मराठा शासकों ने इसे फिर से भव्य रूप दिया। यह कहानी भक्ति, धैर्य और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की है।
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