Tag: Patit Pavan Mandir

  • पतित पावन मंदिर: कैसे सावरकर ने ब्रिटिश कैद में भी सामाजिक क्रांति की शुरुआत की?

    पतित पावन मंदिर: कैसे सावरकर ने ब्रिटिश कैद में भी सामाजिक क्रांति की शुरुआत की?

    Patitpavan Temple and Veer Savarkar: 1924 के बाद रत्नागिरी में बिताया गया समय सावरकर के जीवन में एक अहम मोड़ साबित हुआ। अंडमान में कड़ी सजा के बाद, अंग्रेजों ने उन्हें रत्नागिरी में नजरबंद कर दिया था। हालांकि उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से मना किया गया था, लेकिन समाज को संगठित करने की उनकी कोशिशें बंद नहीं हुईं।

     उस दौरान, सावरकर ने समुदाय के अंदर बिखराव और बातचीत की कमी को करीब से देखा। इसलिए, समाज को मजबूत बनाने के मकसद से, उन्होंने ‘पतित पावन मंदिर’ बनाने का आइडिया दिया, जो जाति के भेदभाव के बिना सभी के लिए खुला होगा। इस आर्टिकल में, हम उस मंदिर की स्थापना के इतिहास और उसके पीछे की सामाजिक सोच के बारे में जानेंगे।

    और पढ़ें