वर्ष 1946 के फरवरी महीने में रॉयल इंडियन नेवी (Royal Indian Navy- RIN) के सैकड़ों नाविक जिन्हें रेटिंग्स कहा जाता था, ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आवाज बुलंद की थी। इस आग की पहली चिंगारी एक 23 वर्षीय युवा सैनिक ने भड़काई थी। उनका नाम था, बलाई चंद्र दत्ता (बी.सी. दत्ता)। वह नौसेना के प्रशिक्षण केंद्र एचएमआईएस तलवार (HMIS Talwar) में लीडिंग टेलीग्राफिस्ट (सीनियर टेलीग्राफ ऑपरेटर) थे।
फरवरी 1946 के आरम्भ में दत्ता जोकि नैवी के प्रशिक्षण केंद्र एचएमआईएस तलवार (HMIS Talwar) बाम्बे (अब मुंबई) में लीडिंग टेलीग्राफिस्ट (सीनियर टेलीग्राफ ऑपरेटर) के पद पर तैनात थे। उन्होंने जहाज की दीवारों पर राष्ट्रवादी नारे लिखे।
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