गुजरात की रेत में एक भूली हुई कहानी दबी है। उस अज्ञात हिंदू की, जिसने महमूद गजनवी जैसे आततायी को अपने जीवन की अंतिम सांस तक पछताने पर मजबूर कर दिया।
सोमनाथ मंदिर के विध्वंस की कहानी तो सबने सुनी है, लेकिन शायद ही किसी ने उस हिंदू वीर का नाम जाना हो, जिसने भगवान सोमनाथ के अपमान का बदला अपने प्राण देकर लिया। यह कोई कहानी नहीं है, बल्कि वह जीवंत पल है, जब आस्था ने प्रतिशोध का रूप लेकर बदला लिया।
और पढ़ें


