भारत की सभ्यता में मथुरा केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र रही है। यही वो भूमि मानी जाती है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया, जहां से प्रेम, धर्म और गीता का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा।
लेकिन इतिहास के पन्नों में एक ऐसा दौर भी दर्ज है, जब इसी पवित्र नगरी की पहचान मिटाने की कोशिश की गई। मंदिरों के शिखर गिराए गए, मूर्तियां तोड़ी गईं, धार्मिक स्थलों पर कब्जे किए गए और यहां तक कि शहरों के नाम तक बदल दिए गए।
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