1 जुलाई 1909 को लंदन में क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा ने क्रूर ब्रिटिश अधिकारी कर्जन वायली की गोली मारकर हत्या कर दी, लंदन में चलीं इन गोलियों की गूंज से ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिल गई। जिसके कुछ ही महीनों के अंदर, लंदन स्थित ‘India House’ अंतरराष्ट्रीय निगरानी और राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया।
लेकिन यह सब कुछ अचानक नहीं हुआ। 1907 से धीरे-धीरे एक ऐसा नेटवर्क आकार ले रहा था, जिसमें एक नाम लगातार उभर रहा था। वह नाम था ‘वराहनेरी वेंकटेश सुब्रमण्यम अय्यर (VVS Aiyar)’ का। जो लंदन में कानून की पढ़ाई करने और पाश्चात्य संगीत-नृत्य शैली सीखने पहुंचे थे।
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