एक दौर था जब अमेरिकी सीनेट हॉल में हिंदू शास्त्रों का पाठ होते ही ईसाई कट्टरपंथी इसे “अभिशाप” बताते हुए चिल्ला उठे थे। उन्होंने इसे जीसस का अपमान बताया था। लेकिन उसी अमेरिका में आज हिंदू धर्म ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता पर जनप्रतिनिधि पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे हैं। इस लेख में हम आपको चरणबद्ध तरीके से बताएंगे कि कैसे 2007 में ईसाई मिशनरियों ने सीनेट में हिंदू प्रार्थना होने पर हंगामा किया था।


