2004 Dimapur Bomb Blast: यह 2 अक्टूबर, 2004 की बात है। उस दिन नागालैंड का दीमापुर रेलवे स्टेशन हमेशा की तरह चहल-पहल से भरा था। लेकिन, सुबह करीब 9:30 बजे, एक जबरदस्त बम धमाके ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। टिकट काउंटर और प्लेटफॉर्म का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे क्योंकि कई लोग बुरी तरह घायल हो गए थे।
ठीक एक मिनट बाद, पास के हांगकांग मार्केट में दूसरा धमाका हुआ। इन दो धमाकों में लगभग 30 बेगुनाह नागरिक मारे गए, जबकि करीब 100 लोग घायल हो गए। इस घटना ने न सिर्फ नागालैंड बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। लेकिन इस हमले की साजिश किसने रची थी और इसके पीछे असल मकसद क्या था? इन सवालों के जवाब मंगल महतो ने दिए। उनका इस धमाके की घटना से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन उन्होंने इस मामले में एक बहुत अहम सुराग दिया।
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