Tag: Ban on RSS

  • गांधी की हत्या, नेहरू की रणनीतिऔर गुरुजी का मास्टर स्ट्रोक: 1948 के प्रतिबंध के बाद RSS कैसे उभरा

    गांधी की हत्या, नेहरू की रणनीतिऔर गुरुजी का मास्टर स्ट्रोक: 1948 के प्रतिबंध के बाद RSS कैसे उभरा

    30 जनवरी, 1948, देश के इतिहास का एक काला दिन था। महात्मा गांधी की हत्या ने पूरे देश को शोक के सागर में डुबो दिया। हालांकि, उस शोक के पीछे, एक विशाल राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई थी। एक तरफ, नेहरू सत्ता को मजबूत करने में जुट गए और दूसरी तरफ, RSS अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा था। इन दोनों के बीच के इस टकराव ने आधुनिक भारतीय राजनीति की दिशा ही बदल दी।

    जब तक गांधी जीवित थे, नेहरू काफी हद तक उनकी छाया में ही रहे। हालांकि, गांधी की मृत्यु के बाद जब एक राजनीतिक शून्य पैदा हुआ, तो नेहरू ने तुरंत उस जगह को भर दिया। उन्होंने अपने सबसे बड़े वैचारिक प्रतिद्वंद्वी, RSS को हमेशा के लिए खत्म करने की एक रणनीति बनाई। गांधी की चिता की आग ठंडी होने से पहले ही, नेहरू RSS को भी उसी आग में जला देना चाहते थे। यह केवल एक हत्या को लेकर उपजा गुस्सा नहीं था, यह हिंदुत्व विचारधारा को पूरी तरह से मिटाने की एक राजनीतिक रणनीति थी, जो पहले से ही उनके ‘धर्मनिरपेक्ष’ एजेंडे के रास्ते में एक बाधा बन चुकी थी।

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  • विवादित ढांचा विध्वंस के बाद RSS पर प्रतिबंध और ट्रिब्यूनल का फैसला : जब कांग्रेस सरकार का बैन उलटा पड़ गया!

    विवादित ढांचा विध्वंस के बाद RSS पर प्रतिबंध और ट्रिब्यूनल का फैसला : जब कांग्रेस सरकार का बैन उलटा पड़ गया!

    दिसंबर 1992 की शुरुआत में राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन पूरे देश में अपने चरम पर पहुंच चुका था। लंबे समय से चले आ रहे इस आंदोलन ने लाखों हिंदू श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया था। देश के कोने-कोने से कारसेवक के रूप में आम लोग, भक्त और तमाम हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अयोध्या की ओर उमड़ पड़े थे। विशेष रूप से कारसेवकों की भारी भीड़ अयोध्या में जमा हो रही थी। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं ने कारसेवा के लिए आ रहे देश भर के लाखों हिंदुओं के लिए खाना, पानी, दवा, ये सब उपलब्ध कराने में मुख्य भूमिका निभाई थी।

    इस दौरान 6 दिसंबर 1992 को वहां मौजूद विवादित ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के मात्र चार दिन बाद, 10 दिसंबर 1992 को तत्कालीन कांग्रेसी प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के तहत प्रतिबंध लगा दिया। 

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