इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में उस दिन सिर्फ एक परीक्षा नहीं हो रही थी, बल्कि भारतीय विज्ञान के भविष्य की एक अद्भुत झलक सामने आने वाली थी। यहां दो बड़े व्यक्तित्वों का मिलन होने वाला था। यह थे, भारत के महान वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता सीवी रमन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बाद में सरसंघचालक बने राजेंद्र सिंह यानी रज्जू भैया।
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