आज के दौर में किसी बड़े अभिनेता के निधन के बाद कुछ दिनों तक मीडिया और सोशल मीडिया पर उसकी चर्चा होती है, लोग श्रद्धांजलि देते हैं, पुरानी यादें साझा करते हैं और फिर समय के साथ सब सामान्य हो जाता है।
लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब टीवी के एक काल्पनिक किरदार की काल्पनिक बीमारी ने पूरे देश को बेचैन कर दिया था। लोग केवल दुखी ही नहीं हुए, बल्कि उस किरदार को बचाने के लिए निर्माताओं और लेखक को हजारों चिट्ठियां लिख डालीं। दूरदर्शन के दफ्तर में पत्रों का अंबार लग गया और हर पत्र में एक ही आग्रह था, “दादी को कहानी से मत हटाइए।”
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