हल्दीघाटी के मैदान में एक वीर ने अपनी वीरता से एक ऐसी रणगाथा लिखी, जो केवल युद्ध कौशल की नहीं, बल्कि अद्वितीय स्वामिभक्ति, साहस और बलिदान की भी पराकाष्ठा है। यह वीरगाथा है उस योद्धा की, जिन्हें इतिहास में झाला बीदा के नाम से जाना जाता है।
और पढ़ेंInforming Minds, Shaping Voices