25 और 26 जून, 1975 की दरमियानी रात को, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल (Emergency) की घोषणा करके लोकतंत्र का गला घोंट दिया। कुछ ही घंटों के भीतर, नागरिक स्वतंत्रताएं निलंबित कर दी गईं, पूरे देश में प्रेस सेंसरशिप लागू कर दी गई और विपक्षी नेताओं को बिना किसी पूर्व सूचना के हिरासत में ले लिया गया।
यह कार्रवाई बहुत तेजी से हुई। तत्कालीन सरकार की कमियों को उजागर करने वाले संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया, बोलने की आजादी पर रोक लगा दी गई और हजारों लोगों को जेल में डाल दिया गया।
और पढ़ें

