1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का सबसे कुशल और निर्भीक गुरिल्ला योद्धा तात्या टोपे वास्तव में युद्ध के मैदान में वीरगति को प्राप्त हुए, पर ब्रिटिश साम्राज्य ने दुनिया भर में यह झूठ फैला दिया कि उन्हें फांसी पर लटका दिया गया।
यह धोखा इतना गहरा था कि आज भी स्कूल की किताबें और मुख्यधारा का इतिहास इसी झूठ को दोहराता है। तो आइए, जानते हैं कि वास्तव में क्या हुआ, कैसे एक महान वीर की मौत छिपाई गई और कैसे अंग्रेजों का यह सुनियोजित झूठ सदियों से चला आ रहा है?
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