शारदा पीठ विश्व-प्रसिद्ध ज्ञान, दर्शन और संस्कृत ग्रंथों का केंद्र था। शारदा पीठ मुख्य रूप से कश्मीर के पीओके (पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर) में नीलम घाटी में स्थित एक प्राचीन और महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर है, जो ज्ञान और शिक्षा का एक महान केंद्र था। 1947 के बंटवारे के बाद पाकिस्तान-समर्थक कबायली हमलावरों और इस्लामी कट्टरता ने इसे निशाना बनाया। उस समय भी यह भारत की सीमा के अंदर था।
लेकिन 1 जनवरी 1949 को जम्मू-कश्मीर में युद्ध विराम लागू हुआ, तो सब कुछ बदल गया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से पर कब्जा कर लिया जहां शारदा पीठ था। उसे पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) कहा जाने लगा। शारदा पीठ अपनी ही सभ्यता से कट गई। पूजा-पाठ बंद हो गया। तीर्थयात्रा हमेशा के लिए रुक गई। इसके बाद शारदा पीठ धीरे-धीरे खामोश हो गई और आज खंडहर बन गई।
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