अहमदशाह अब्दाली, महमूद गजनवी जैसे क्रूर इस्लामिक आक्रांताओं ने जिस धरती से आकर भारत में लूटपाट और निर्दोष हिंदुओं का नरसंहार किया, उसी गांधार (अफगानिस्तान) की धरती पर एक भारतीय वीर की ऐसी कहानी छिपी है, जिसे वामपंथी इतिहासकारों ने इतिहास के पन्नों में दबा दिया। यह सच्ची कहानी एक ऐसे भारतीय शूरवीर की है, जिसके भय से कट्टरपंथी अफगानी पठान थर-थर कांपते थे। उसका खौफ इतना कि अफगानी पठान डर के मारे महिलाओं का सलवार पहने लगे थे।
यह योद्धा कोई और नहीं, बल्कि महान भारतीय शासक महाराजा रणजीत सिंह के सेनापति सरदार हरि सिंह नलवा थे। जब उन्हें सीमांत इलाकों (खैबर पख्तूनख्वा और अफगानिस्तान) का गवर्नर बनाया गया, तो डर के मारे कट्टरपंथी अफगान कबीलों ने अपनी इस्लामिक पहचान तक बदल डाली। हरि सिंह नलवा की यह कोई सामान्य सैन्य विजय नहीं थी, बल्कि यह वह दौर था, जब एक भारतीय योद्धा ने सिर्फ भूगोल ही नहीं, बल्कि शत्रुओं की संस्कृति तक को प्रभावित कर दिया था।
और पढ़ें








