15 जुलाई 2001, नई दिल्ली का राष्ट्रपति भवन। पाकिस्तान के राष्ट्रपति और सैन्य शासक जनरल परवेज़ मुशर्रफ के स्वागत के लिए लाल कालीन बिछ चुका था। आगरा शिखर सम्मेलन (14–16 जुलाई 2001) का दूसरा दिन था और कैमरे हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे।
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुख स्वागत पंक्ति में खड़े थे। उनमें सबसे आगे थे एयर चीफ मार्शल अनिल यशवंत टिपनिस, भारतीय वायुसेना के 18वें प्रमुख, जिन्होंने 31 दिसंबर 1998 से 31 दिसंबर 2001 तक वायुसेना का नेतृत्व किया और 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर का संचालन किया।
कुछ ही क्षण बाद जनरल मुशर्रफ उनके सामने पहुंचे। दोनों ने हाथ मिलाया। लेकिन वहां मौजूद लोगों ने तुरंत एक बात नोटिस की, एयर चीफ मार्शल टिपनिस ने मुशर्रफ को सैन्य सलामी नहीं दी।
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